वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा “ग्रीन मोबिलिटी अभियान” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक (ई-) दुपहिया वाहनों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा “ग्रीन मोबिलिटी अभियान” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक (ई-) दुपहिया वाहनों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, ऊर्जा संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है।
वर्तमान में वाराणसी विकास प्राधिकरण में 400 से अधिक नियमित एवं आउटसोर्सिंग कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन कार्यालय आने-जाने, फील्ड निरीक्षण, प्रवर्तन, परियोजना अनुश्रवण एवं अन्य विभागीय कार्यों हेतु पेट्रोल चालित दो-पहिया वाहनों का उपयोग करते हैं। इसे देखते हुए ई-वाहनों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कार्बन उत्सर्जन एवं ईंधन व्यय दोनों में कमी लाई जा सके।
अभियान के प्रथम चरण में 100 ई-बाइकों का ऑर्डर दिया जा रहा है। कर्मचारियों को ई-वाहन खरीदने हेतु प्रेरित करने के साथ विभिन्न ई-वाहन कंपनियों एवं डीलरों से संस्थागत छूट दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से आसान एवं कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्यवाही की जा रही है।
राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा ई-वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी, रोड टैक्स एवं पंजीकरण शुल्क में छूट जैसी योजनाओं का लाभ भी कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के मुख्य एवं ज़ोनल कार्यालयों में ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनका लाभ आमजन भी उठा सकेंगे।
उपाध्यक्ष श्री Purn Bora के नेतृत्व में प्रारम्भ यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी सिद्ध होगी। अनुमान है कि इस पहल से प्रतिदिन लगभग 300-400 लीटर पेट्रोल/डीजल की बचत होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन एवं प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी।
वाराणसी विकास प्राधिकरण का उद्देश्य वाराणसी को स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है। प्राधिकरण भविष्य में भी सतत शहरी विकास एवं जनहित से जुड़ी नवाचारी पहलों को आगे बढ़ाता रहेगा।
