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"वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुलकित गर्ग से मिले Good Governance Yatra 2025 के डेलीगेट्स"

वाराणसी विकास प्राधिकरण, वाराणसी

 

प्रेस-विज्ञप्ति

 

 

"वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुलकित गर्ग से मिले Good Governance Yatra 2025 के डेलीगेट्स"

 

 

आज दिनांक 28/03/2025 को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के उपाध्यक्ष श्री पुलकित गर्ग से "Good Governance Yatra 2025" के अंतर्गत लगभग 30 डेलीगेट्स ने मुलाकात की। यह कार्यक्रम देशभर से आए प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें वे भारत के भविष्य को आकार देने वाले विकासात्मक योजनाओं और नीतियों को समझने और उन पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त करते हैं।

 

डेलीगेट्स ने श्री गर्ग से वाराणसी में ट्रैफिक समस्याओं, विकास योजनाओं, और इकोसिस्टम के संतुलन के बारे में सवाल पूछे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष महोदय ने बताया कि वाराणसी में ट्रैफिक समस्याओं को हल करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की गई है, जिनमें प्रमुख पहलें शामिल हैं जैसे:

 

बस नेटवर्क का विस्तार: इससे शहर में वाहनों की संख्या में कमी आएगी और ट्रैफिक दबाव घटेगा।

 

फुटपाथ की योजना: विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए, शहरभर में फुटपाथ का निर्माण कार्य चल रहा है, जैसे कि सेंट्रल जेल रोड पर कार्य प्रगति पर है।

 

रोपवे परियोजना: वाराणसी में एशिया का पहला रोपवे प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जो न केवल ट्रैफिक को कम करेगा बल्कि शहर के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह प्रोजेक्ट शहर के प्रमुख स्थानों को जोड़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

 

इसके अलावा, उपाध्यक्ष महोदय ने बताया कि वाराणसी के इकोसिस्टम के संरक्षण के लिए कई जलाशयों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जैसे कि दुधिया तालाब, लक्ष्मी तालाब, काला तालाब, पंचकोसी, रीवा, बखरिया, कबीर प्रकट तालाब आदि। इसके साथ ही, कर्ध्मेश्वर तालाब, कंदवा तालाब, और कंचन तालाब पर भी कार्य प्रस्तावित है। इन जलाशयों का पुनर्विकास शहर के पर्यावरण को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

उपाध्यक्ष महोदय ने यह भी बताया कि अस्सी  नदी के जीर्णोद्धार पर भी तेज़ी से कार्य किया जा रहा है, ताकि नदी के प्रवाह को बनाए रखा जा सके और इसके आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित किया जा सके।

 

वाराणसी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के बारे में बात करते हुए, उपाध्यक्ष महोदय द्वारा बताया गया कि VDA द्वारा कृषि भूमि पर मानचित्र स्वीकृति को अनुमति नहीं दीजाती है। इसके साथ ही, गंगा नदी के 200 मीटर के दायरे में बिना अनुमति के किसी भी निर्माण को प्रतिबंधित किया गया है, ताकि यहां के प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

 

 

Good Governance Yatra 2025 ने डेलीगेट्स को एक अनमोल अवसर प्रदान किया है, जहां उन्होंने गहरे स्तर पर शासन, नीति और विकास योजनाओं को समझने के साथ-साथ एक सशक्त और समृद्ध भारत बनाने के प्रयासों में सहभागिता की।

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