जोन–2 में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध वाराणसी विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई
जोन–2 में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध वाराणसी विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई
उपाध्यक्ष महोदय श्री पुर्ण बोरा द्वारा प्रदत्त कड़े निर्देशों के क्रम में वाराणसी विकास प्राधिकरण, वाराणसी की जोन–2 प्रवर्तन टीम द्वारा अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए छ: अलग-अलग स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के अंतर्गत कुल 18 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया ।
अवैध प्लाटिंग के खिलाफ की गयी बड़ी और सख्त कार्रवाई का विवरण
जोन–2 (वार्ड–सारनाथ)
विनय यादव, मौजा–सर्वेद मंदिर के पीछे द्वारा लगभग 2 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
चन्दन सिंह, मौजा–तरैयां द्वारा लगभग 2 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई संपादित की गई।
मुन्ना सिंह, मौजा–खरगीपुर द्वारा बिना स्वीकृत ले-आउट एवं मानचित्र के लगभग 2 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
रमेश यादव, मौजा–बरियासनपुर द्वारा बिना स्वीकृत ले-आउट एवं मानचित्र के लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
रोहित पटेल, मौजा–सलारपुर द्वारा बिना स्वीकृत ले-आउट एवं मानचित्र के लगभग 1 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
प्रवीण, मौजा–सलारपुर द्वारा बिना स्वीकृत ले-आउट एवं मानचित्र के लगभग 1 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। दिनांक 23.06.2026 को धारा–27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश एवं अवर अभियंता राजू कुमार सहित प्रवर्तन टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
आवश्यक सूचना
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा आमजन को सूचित किया जाता है कि—
भूमि क्रय करने से पूर्व संबंधित भूखंड का लैंडयूज अवश्य जांच लें तथा उसका आवासीय श्रेणी में होना सुनिश्चित करें।
प्लाटिंग हेतु न्यूनतम 09 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग होना आवश्यक है।
किसी भी प्रकार की प्लाटिंग एवं विक्रय कार्यवाही ले-आउट स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही की जाए।
प्राधिकरण में ले-आउट आवेदन जमा होने के उपरांत नियमानुसार 07 दिवस के भीतर स्वीकृति प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
(उपाध्यक्ष महोदय श्री पुर्ण बोरा ने आमजन से अपील की है कि वे केवल वाराणसी विकास प्राधिकरण से स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही क्रय करें तथा मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें। अन्यथा नियमानुसार कठोर प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी।)
