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डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में वीडीए का बड़ा कदम: ऑनलाइन वीडीए कंपाउंडिंग सिस्टम (OVCS) का शुभारम्भ

वाराणसी विकास प्राधिकरण, वाराणसी

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में वीडीए का बड़ा कदम: ऑनलाइन वीडीए कंपाउंडिंग सिस्टम (OVCS) का शुभारम्भ

 

आज दिनांक 04 अगस्त 2026 को वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑनलाइन वीडीए कंपाउंडिंग सिस्टम (OVCS) का शुभारम्भ प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा द्वारा किया गया।

 

अब तक मानचित्र स्वीकृति से संबंधित कंपाउंडिंग प्रकरणों की फाइलें ऑफलाइन माध्यम से जमा एवं संचालित होती थीं, जिसके कारण कई बार फाइलों की प्रगति का पता लगाना कठिन हो जाता था तथा कुछ मामलों में फाइलों का ट्रैक भी खो जाता था। OVCS लागू होने के बाद अब कंपाउंडिंग हेतु आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन किए जा सकेंगे। आवेदक अपने ड्रॉइंग एवं आवश्यक अभिलेख पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे, ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे तथा अपने आवेदन की रियल-टाइम स्टेटस ट्रैकिंग भी कर सकेंगे। साथ ही संबंधित आर्किटेक्ट एवं भवन स्वामी आवेदन की प्रत्येक चरण की प्रगति ऑनलाइन देख सकेंगे। इस नई प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण द्वारा सभी पंजीकृत आर्किटेक्ट्स को OVCS पोर्टल के संचालन एवं उपयोग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।

 

नई व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन प्राप्त होने से लेकर अंतिम निर्णय तक कनिष्ठ अभियंता (JE) से लेकर उपाध्यक्ष (VC) स्तर तक प्रत्येक अधिकारी के लिए कार्य निष्पादन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित अवधि के भीतर प्रकरण का निस्तारण करते हुए या तो मानचित्र स्वीकृत किया जाएगा अथवा भवन उपविधियों (Building Bye-laws) के अनुरूप आवश्यक आपत्तियाँ दर्ज की जाएंगी। इससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा तथा पूरी प्रक्रिया अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनेगी।

 

इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक भवन स्वामियों को मानचित्र स्वीकृति हेतु प्रेरित किया जाए तथा सभी निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का ऑनलाइनकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी एवं उत्तरदायी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

 

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष महोदय द्वारा प्राधिकरण के सभी पाँचों जोनों में मानचित्र स्वीकृति एवं कंपाउंडिंग से संबंधित स्वीकृत एवं लंबित प्रकरणों की जोनवार समीक्षा भी की गई। उन्होंने फील्ड स्टाफ को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान आम एवं गरीब नागरिकों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

 

कार्यक्रम में सहायक नगर नियोजक श्री सौरभ जोशी, सभी पाँचों जोनों के जोनल अधिकारी, एसोसिएट इंजीनियर्स, कनिष्ठ अभियंता, लिपिकगण तथा आईटी एक्सपर्ट श्री दिनेश सिंह उपस्थित रहे।